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पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है?
हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ कीटाणà¥à¤“ं और रोगाणà¥à¤“ं के विरूदà¥à¤§ हमारे शरीर की रकà¥à¤·à¤¾ की पहली पंकà¥à¤¤à¤¿ है। जब आपको कोई चोट लग जाती है और कट-छिल जाता है, तो आपका रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ कीटाणà¥à¤“ं से संपरà¥à¤• में जाता है। इस तरह कटने-छिलने के कारण रकà¥à¤¤ और ऊतक संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिठआदरà¥à¤¶ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ सà¥à¤¥à¤² बन जाते हैं।
घाव संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाते हैं जब:
आमतौर पर परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ में और हमारे शरीर पर आबाद कीटाणॠखà¥à¤²à¥‡ घाव से हमारी शारीरिक पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाते हैं
घाव न धà¥à¤²à¥‡ हाथों, गंदगी, जंतà¥à¤“ं या सामानà¥à¤¯ रूप से अशà¥à¤¦à¥à¤§ वातावरण के संपरà¥à¤• में आ जाता है
घाव का संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ कई कारकों पर निरà¥à¤à¤° करता है और इसी तरह संकà¥à¤°à¤®à¤£ की दर à¤à¥€à¥¤ इनमें से कà¥à¤› कारक घाव का पà¥à¤°à¤•ार, उस घाव का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ और गहराई, संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿, आसपास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में संदूषकों की संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और पà¥à¤°à¤•ार और संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है। कà¥à¤› संकà¥à¤°à¤®à¤£ काफी गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤•ृति के हो सकते हैं (जैसे à¤à¤®à¤†à¤°à¤à¤¸à¤ के कारण होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£) और इस तरह सामानà¥à¤¯ à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से उनका उपचार नहीं किया जा सकता है। घाव का समय पर इलाज नहीं किठजाने से उसके संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाने पर गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤ पैदा होती हैं। इसलिठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ दूर करने और ठीके होने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होने के लिठà¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ के रूप में पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤• परम आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
नीचे दी गई बातों का पालन करके छोटे-मोट और मामूली घावों का पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार किया जा सकता है:
खà¥à¤²à¥‡ घाव के संपरà¥à¤• में आने से पहले और बाद में हाथों को à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² साबà¥à¤¨ से धोकर तौलिठसे अचà¥à¤›à¥€ तरह सà¥à¤–ाया जाना चाहिà¤à¥¤
घाव को बहते पानी के नीचे या कम à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• की मातà¥à¤°à¤¾ वाले लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ से साफ किया जाना चाहिà¤à¥¤
घाव के आसपास के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को पोंछकर सà¥à¤–ाया जाना चाहिà¤à¥¤
घाव को हवा के संपरà¥à¤• में खà¥à¤²à¤¾ नहीं छोड़ा जाना चाहिठऔर नियमित रूप से बदली जाने वाली पटà¥à¤Ÿà¥€ से ढंका जाना चाहिà¤à¥¤
हाथ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोने के तौर-तरीकों का पालन किया जाना चाहिà¤à¥¤
अगर घाव में थकà¥à¤•े जमने के लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिखाई देते हैं और खून बहता रहता है, तो संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की जाà¤à¤š करें जो लालिमा और सूजन के रूप में होती है और तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सहायता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ करें।
छोटे-मोटे और मामूली घावों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ रोकने के लिठऔर हानिकारक कीटाणà¥à¤“ं से अपने परिवार के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की रकà¥à¤·à¤¾ करने के लिठडेटॉल à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
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